

कटनी। शहर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कुठला क्षेत्र के समाजसेवी प्रभात पांडे ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक कटनी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि बिना उनकी अनुमति और सहमति के बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके घर में स्मार्ट मीटर लगा दिया, जो कि पूरी तरह से अवैधानिक और विधि-विरुद्ध कृत्य है।
बिजली विभाग से संपर्क के बाद भी नहीं मिली राहत
प्रभात पांडे ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले बिजली विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन विभाग ने न तो उनकी शिकायत पर ध्यान दिया और न ही मीटर हटाने या उपभोक्ता की सहमति लेने जैसे किसी सकारात्मक कदम की पहल की। इससे व्यथित होकर उन्होंने बिजली विभाग कटनी के डीई के खिलाफ कार्रवाई और FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया।
स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ी नाराज़गी
आवेदन में उपभोक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा शहर में लगातार उपभोक्ताओं पर दबाव बनाकर बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मीटर से संबंधित डाटा के विदेशों तक लीक होने की आशंका भी जताई जा रही है।
इन सब कारणों से कटनी की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बिजली कंपनी का घेराव
प्रभात पांडे और अन्य उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा। इसी कड़ी में बिजली कंपनी का 12 सितंबर को घेराव करने का ऐलान किया है।
जनता का सवाल – क्यों थोपे जा रहे स्मार्ट मीटर?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने से पारदर्शिता और सुविधा की जगह उल्टा उपभोक्ताओं पर बोझ डाला जा रहा है। मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की सहमति लेना जरूरी है, लेकिन विभाग इसे नजरअंदाज कर मनमानी कर रहा है।
